सोमवार 25 मई 2026 - 06:49
शरई अहकाम | इमाम-ए-जमात की इक़्तेदा करते समय क़िरात के सहीह होने की शर्त

हज़रत आयतुल्लाह शहीद सय्यद अली ख़ामेनेई ने "इमाम-ए-जमात की इक़्तेदा करते समय क़िरात के सहीह होने" के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दिया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, हज़रत आयतुल्लाह शहीद सय्यद अली ख़ामेनेई ने "इमाम-ए-जमात की इक़्तेदा करते समय क़िरात के सहीह होने" के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दिया है। शरई अहकाम मे रूचि रखने वालो के लिए पूछे गए सवाल और उसके जवाब का पाठ प्रस्तुत है।

सवाल: उस इमाम-ए-जमात की इक़्तेदा करना जिसकी अदालत साबित हो, लेकिन उसकी क़िरात का सहीह होना मेरे लिए मालूम नहीं है; क्या मैं सहीह होने की बुनियाद पर नमाज़ पढ़ सकता हूँ?

जवाब: हाँ, आप उसकी इक़्तिदा कर सकते हैं।

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